publicuwatch24.-भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान एक मजदूर जिंदा ही मिट्टी में दब गया, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी. चार दिन बाद उसी जगह की खुदाई करने पर मजदूर का शव बैठी हुई अवस्था में मिला. घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया.
भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के कच्चे चौकी अंतर्गत ग्राम हिंगनझर में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने और घरेलू कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है. 28 जुलाई को 30 वर्षीय रामदेव आंचला पाइपलाइन के नाली में उतरकर घरेलू कनेक्शन जोड़ रहा था. पीछे-पीछे जेसीबी चालक दूसरी ओर से गड्ढे में मिट्टी भरते हुए आगे बढ़ रहा था, जिसके चालक ने अनजाने में उसी स्थान पर भी मिट्टी डाल दी, जहां रामदेव काम कर रहा था.
बताया जा रहा है कि मजदूर को संभलने या मदद के लिए आवाज लगाने तक का मौका नहीं मिला और वह जिंदा ही मिट्टी में दब गया. घटना के समय अन्य मजदूर लगभग 20 से 40 मीटर की दूरी पर काम कर रहे थे, इसलिए किसी को भी हादसे की भनक तक नहीं लगी. दोपहर के भोजन के समय जब रामदेव नहीं पहुंचा तो साथियों ने उसकी तलाश शुरू की. मोबाइल पर कॉल करने पर शुरुआत में घंटी गई, लेकिन बाद में मोबाइल भी बंद हो गया.
परिजनों और गांव में भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. गुमशुदगी की सूचना कच्चे चौकी में दर्ज कराई गई. 31 जुलाई को पुलिस, ग्रामीणों और सरपंच की मौजूदगी में उस स्थान पर दोबारा खुदाई कराई गई, जहां से रामदेव लापता हुआ था. लगभग 10 मीटर की खुदाई के बाद मजदूर का शव गड्ढे के भीतर बैठी हुई अवस्था में मिला.
शव निकलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जेसीबी चालक के साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने तत्काल चालक को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया. आरोपी जेसीबी चालक नें बताया “मैं दूसरी तरफ से गड्ढा भरते हुए आ रहा था. वहां कोई दिखाई नहीं दिया. मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि अंदर मजदूर काम कर रहा है. लंच के समय जब वह नहीं मिला, तब खोजबीन शुरू हुई.”
पुलिस ने पंचनामा तैयार करने के बाद शव को भानुप्रतापपुर जिला अस्पताल भेज दिया, जहां आज शव का पोस्ट मार्टम किया जायगा. मजदूर का शव बरामद होने के बाद अब पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं.
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Wednesday, September 30
