publicuwatch24.-रायपुर। राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और आगामी शिक्षा सत्र से पहले व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मोपका निपनिया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस कदम से जहां लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं छात्र हित में सरकार की संवेदनशीलता एक बार फिर खुलकर सामने आई है।
लापरवाही पर बरती जाएगी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपस्थित पाई गईं। साथ ही, स्टाफ की उपस्थिति में भी भारी कमी देखने को मिली; वहां केवल 03 सहायक प्राध्यापक और कार्यालयीन स्टाफ के महज 02 कर्मचारी ही उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, मौके पर महाविद्यालय के वित्तीय लेखा-जोखा (एकाउंट्स) की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो सकी, जिस पर मंत्री श्री वर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि
सरकार का साफ संदेश है शासकीय संस्थाओं में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साफ-सफाई और अनुशासन पर कड़े निर्देश
महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता का अभाव दिखने पर मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित रहें। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण मिले, इसके लिए साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए।
नए सत्र से पहले छात्र-सुविधाएं होंगी सर्वोपरि: बनेगा ‘हेल्प डेस्क’
नवीन शिक्षा सत्र जल्द ही प्रारंभ होने वाला है, इसलिए सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि नए प्रवेश लेने वाले और पुराने छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। कॉलेज में आने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण और मार्गदर्शन के लिए तत्काल एक ‘हेल्प डेस्क’ (Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने आगामी सत्र के मद्देनजर कॉलेज में पेयजल, बैठक व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक छात्र-सुविधाओं को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने की कड़ी हिदायत दी है।
जनता और छात्रों के प्रति सजग सरकार
उच्च शिक्षा मंत्री का यह औचक निरीक्षण केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर काम करने में विश्वास रखती है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों में भी शहरी क्षेत्रों की तरह उच्च स्तरीय सुविधाएं और कड़ा प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
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Sunday, November 8
