publicuwatch24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी नैसर्गिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां के कई गांव दशकों से मुख्यधारा से कटे हुए थे। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने इस दूरी को पाटते हुए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ के जरिए विकास का एक नया अध्याय शुरू किया है।
अब बस्तर के सुदूर वनांचलों में विकास की एक नई बयार बह रही है। वहीं दशकों के इंतजार के बाद, अब गांवों की पगडंडियों पर भी अब बस के पहिए थिरकने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ‘अंत्योदय‘ के संकल्प को चरितार्थ कर रही है।
’दशकों का सपना, अब हुआ साकार’
आजादी के बाद से जिन 425 गांवों के ग्रामीणों ने केवल पैदल चलने या निजी साधनों पर निर्भर रहने की नियति चुनी थी, आज वहां नियमित बसों की आवाज और उनके हॉर्न गूंज रही हैं। बस्तर संभाग के 50 विभिन्न मार्गों पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की 52 बसों का सफल संचालन किया जा रहा है। यह मात्र एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि उन ग्रामीणों की उम्मीदों की उड़ान है, जो अब अपने घर की दहलीज से सीधे शहर की ओर जुड़ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के सक्रिय प्रयासों और परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश के मार्गदर्शन से इन मार्गों का चयन बहुत ही व्यावहारिक तरीके से किया गया है। इस योजना का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को हाट-बाजार, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने में कोई बाधा न आए। परिवहन विभाग अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि श्अंतिम छोर के व्यक्तिश् तक सेवा पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
’बदलाव के तीन प्रमुख स्तंभ‘:
’शिक्षा की नई रोशनी’
सुदूर क्षेत्रों के छात्र अब उच्च शिक्षा के लिए शहरों के कॉलेजों तक आसानी से आ-जा पा रहे हैं। परिवहन की सुविधा ने युवाओं के सपनों को नई गति दी है।
’बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं’
स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच अब सुलभ हो गई है। आपातकालीन स्थिति हो या नियमित जाँच, ग्रामीणों को अब निजी वाहनों के भारी खर्च और असुरक्षित सफर से मुक्ति मिली है।
’आर्थिक सशक्तिकरण’
बस्तर की आर्थिक रीढ़ यहाँ की लघु वनोपज और कृषि उत्पाद हैं। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीण अपनी उपज को कम लागत में बड़े बाजारों तक पहुँचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।
’विकास और विश्वास का संगम’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विश्वास है कि श्जब तक गाँव नहीं जुड़ेंगे, तब तक विकास की गति अधूरी है। यह मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना कठिन भौगोलिक बाधाओं को पार कर शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत कर रही है। पथरीले रास्तों पर बने पक्के सड़क और घने जंगलों के बीच चलती ये बसें इस बात का प्रमाण हैं कि यदि इच्छाशक्ति दृढ़ हो, तो विकास का मार्ग हर बाधा को पार कर गांव-गांव तक पहुंच ही जाता है।
आज ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ ने बस्तर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है। यह सुशासन का वह सफर है, जहां सरकार खुद जनता के द्वार-द्वार तक पहुंच रही है। अब बस्तर थमेगा नहीं, बल्कि विकास की राह पर तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा।
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Sunday, November 8
