publicuwatch24.-दुर्ग। महिला ने घर में घुसकर आरक्षक की पत्नी और उसके 9 साल के बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी, जबकि 2 बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक बेटी ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई। आरोपी महिला ने सो रहे बच्चे पर चाकू से 14 वार किए। मामला सुपेला थाना क्षेत्र के STF कॉलोनी का है। जानकारी के मुताबिक, मृतिका का नाम रीना यादव है। उनके पति ललितेश यादव STF में आरक्षक हैं और वर्तमान में बीजापुर में पदस्थ हैं। वे 15 दिन की छुट्टी पर दुर्ग आए हुए थे। वारदात की वजह अवैध संबंध बताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
शनिवार सुबह करीब 8 बजे वे रेलवे स्टेशन रिजर्वेशन कराने गए थे। इसी दौरान आरोपी महिला घर पहुंची और हमला कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज (25) एक दिन पहले भी घर पहुंची थी। उस समय आरक्षक ललितेश यादव ने उसे समझाकर वापस भेज दिया था। आरोपी महिला जांजगीर की रहने वाली बताई जा रही है और दुर्ग में किराए के मकान में रह रही थी। बताया जा रहा है कि मां ने आरोपी महिला का पैर पकड़ और बेटियों को भगाने के लिए कहा। एक बेटी किसी तरह बाहर निकलकर पड़ोसियों को सूचना देने में सफल रही, जबकि दूसरी बाथरूम में छिप गई। सूचना मिलने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आरोपी महिला को पकड़ लिया। लोगों ने उसके हाथ से चाकू छीनकर पुलिस को सूचना दी।
सीएसपी भिलाई सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि इलाज के दौरान रीना यादव और उसके बेटे की मौत हो गई। आसपास के लोगों की शिकायत पर हत्या और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है। कल दोपहर को भी आरोपी महिला कॉन्स्टेबल के घर आई थी। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
Trending
- BJP में केजरीवाल भी जा सकते है, भूपेश का दावा
- मुख्यमंत्री की तत्परता से मिनटों में हरकत में आया प्रशासन: जरूरतमंद तक पहुँची राहत
- सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी
- धान की म्यूटेंट किस्में कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है : कृषि उत्पादन आयुक्त
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम ने की गुणवत्ता जांच,स्वच्छता में कमी पर दुकान को नोटिस
- विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में हज यात्रियों को फर्स्ट एड किट किया वितरित, कर उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की
- सोलर पैनल अपनाकर देवश्री साहू बनीं आत्मनिर्भर, बिजली बिल से मिली पूर्ण मुक्ति
- अबूझमाड़ की पारुल को मिली नई ज़िंदगी : प्रोजेक्ट धड़कन बनी नन्ही धड़कनों का सहारा
Saturday, April 25
