publicuwatch24.-भिलाई। मध्य प्रदेश कालिदास राष्ट्रीय पुरस्कार की तरह छत्तीसगढ़ में भी माता कौशल्या राष्ट्रीय पुरस्कार शुरू करने की मांग संस्कृति सचिव डॉ. रोहित यादव से की गई। इस दौरान राज्य के प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी, बी.एल. सोनी, साहित्यकार मेनका वर्मा, फोटोग्राफर प्रवीण कालमेघ, गुंजन शर्मा एवं छत्तीसगढ़ से ललित कला अकादमी, नई दिल्ली में प्रथम बोर्ड मेंबर डॉ. अंकुश देवांगन मौजूद थे। ज्ञात हो कि भारत के लगभग हर राज्यों में ललित कलाओं से संबंधित चित्रकला और मूर्तिकला को प्रमोट करने के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। लेकिन छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जैसा एशिया का पहला विश्वविद्यालय होने के बावजूद कोई पुरस्कार नहीं है। संस्कृति सचिव ने इसे बहुत ही अच्छी मांग बताया और कहा कि वे इस पर प्रमुखता से ध्यान देंगे।
कलाकारों ने संस्कृत सचिव के साथ हुई विस्तृत चर्चा में बताया कि माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी। जिसके कारण यहां के समस्त निवासी भगवान श्री राम को भांजे के रूप में पूजा करते हैं। और भांजे के चरण पखारने की प्रथा पूरे विश्व में यहीं पाई जाती है। मध्यप्रदेश कालिदास नेशनल अवार्ड की तरह यहां भी रामायण ग्रंथ में वर्णित श्लोकों के आधार पर पारंपरिक और लोककला में चित्र तथा मूर्तिकला की प्रतियोगिता की जा सकती है। डॉ. अंकुश देवानंद ने कहा कि वर्तमान में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा है। ऐसे में माता कौशल्या नेशनल अवार्ड की स्थापना प्रासंगिक है। इस पुरस्कार की मांग पर खैरागढ़ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं प्रोफेसरों और भारतीय कला जगत से जुड़े हुए समस्त कलाकारों ने हर्ष व्यक्त किया है।
Trending
- 5 संस्थानों में जांच, वैक्सीन भंडारण और कोल्ड चेन व्यवस्थाओं का किया गया निरीक्षण
- विशेष लेख : जिले में पीएम-जन मन से बदली पी.व्ही.टीजी. अंचलों की तस्वीर
- गांव विकास के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति, सड़क निर्माण सहित कई अहम फैसले
- सुशासन तिहार- सेमरदर्री में जनसमस्या निवारण शिविर बना समाधान का सशक्त मंच
- किरंदुल में ‘इको पार्क’ की पहल-विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक
- सुशासन तिहार बना उम्मीदों का सहारा- किसान भवन सिंह को मौके पर मिली किसान किताब
- सुशासन तिहार की तैयारियों की उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की समीक्षा
- छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद, 51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी
Saturday, May 2
