publicuwatch24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में लागू किया गया ‘सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ राज्य के औद्योगिक विकास में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल बनकर उभरा है। यह प्रणाली उद्योगों की स्थापना से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए निवेशकों और उद्यमियों के लिए एक अनुकूल, पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण तैयार कर रही है।
उद्योग स्थापना में क्रांतिकारी बदलाव परंपरागत रूप से किसी भी नए उद्योग की स्थापना के लिए उद्यमियों को कई सरकारी विभागों से अलग-अलग लाइसेंस, अनुमति पत्र और एनओसी प्राप्त करनी पड़ती थी। यह प्रक्रिया न केवल जटिल और समय लेने वाली थी, बल्कि इसमें अनावश्यक देरी और खर्च भी शामिल रहता था। इसी कारण कई निवेशक राज्य या देश में निवेश करने से हिचकिचाते थे। इन चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू किया है, जो उद्योग स्थापना की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिली निवेशकों को बड़ी राहत सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 एक ऐसा डिजिटल पोर्टल है, जिसके माध्यम से उद्योग लगाने वाले निवेशक या उद्यमी को सभी आवश्यक मंजूरी और परमिट एक ही स्थान पर ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त हो जाते हैं। अब उन्हें अलग-अलग विभागों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों की सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इससे आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड, स्वीकृति और ट्रैकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है।
उद्योग स्थापना की आसान कार्यप्रणाली इस प्रणाली के तहत उद्यमी सबसे पहले सिंगल विंडो पोर्टल पर पंजीकरण कर उद्योग से संबंधित आवश्यक जानकारी जैसे उद्योग का प्रकार, भूमि विवरण, पूंजी निवेश और श्रमिकों की संख्या दर्ज करता है। इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। आवेदन जमा होते ही यह स्वतः संबंधित विभागों तक डिजिटल रूप से पहुंच जाता है। उद्यमी पोर्टल पर लॉग इन करके अपने आवेदन की स्थिति को लाइव ट्रैक कर सकता है। सभी आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद एक ही Integrated Clearance Certificate जारी किया जाता है, जिससे उद्योग स्थापना की सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं।
औद्योगिक विकास को मिली नई गति
सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई है। जहाँ पहले उद्योग शुरू करने में कई महीने या एक साल तक का समय लग जाता था, वहीं अब यह प्रक्रिया कुछ ही हफ्तों में पूरी हो रही है। रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में MSME, राइस मिल, फूड प्रोसेसिंग और गारमेंट यूनिट्स तेजी से स्थापित हो रही हैं, वहीं बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग विकसित हो रहे हैं। इससे क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है। CM विष्णु देव साय का विजन: छत्तीसगढ़ बने आधुनिक-औद्योगिक हब 1 जुलाई 2025 को रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है और राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बनाया जा रहा है। निवेश और लॉजिस्टिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धियां मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है, जो राज्य को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। राज्य की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र है, जिससे यह नीति ई-कॉमर्स, निर्यात और भंडारण अधोसंरचना को मजबूत करेगी। ड्राई पोर्ट और इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना से उद्योग, व्यापार और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। रिकॉर्ड निवेश और Ease of Doing Business में सुधार पिछले डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिससे Ease और Speed of Doing Business में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
केवल छह महीनों में राज्य को साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ ने 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट्स से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने राज्य में गहरी रुचि दिखाई है। सेमीकंडक्टर से लेकर ऊर्जा तक, विविध निवेश मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर परियोजना के लिए मात्र तीन महीनों में भूमि आवंटन और एनओसी जारी की गई, जिसके तहत 1,143 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य शुरू हो चुका है। नवा रायपुर को “सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में SJVN सहित अन्य कंपनियों के साथ हुए समझौते राज्य की औद्योगिक विविधता और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं। पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाते हुए पारदर्शी प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
GEM पोर्टल से खरीददारी, ई-ऑफिस प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और जवाबदेह बनाया गया है। इससे निवेशकों का भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है। छत्तीसगढ़ को Industrial Hub बनाने की मजबूत नींव सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को आसान, तेज़ और पारदर्शी बनाकर राज्य को एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल न केवल निवेश को बढ़ावा दे रही है, बल्कि रोजगार, नवाचार और समग्र विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है। आने वाले वर्षों में यह प्रणाली छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख Industrial Hub के रूप में पहचान दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Trending
- दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना : सशक्त दाम्पत्य, आत्मनिर्भर जीवन और सम्मान की नई पहचान
- छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरे
- सिरपुर महोत्सव 2026: विभागीय स्टॉल और प्रदर्शनी से दिखेगी विकास की व्यापक तस्वीर
- बजट सत्र के दौरान धर्म स्वतंत्रता विधेयक पेश करेगी साय सरकार
- रायपुर में सराफा कारोबारी से 28 लाख की ठगी
- छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: दूरदर्शी पहल से एक क्लिक में उद्योगों को मिल रही मंजूरी, निवेश- रोजगार का नया केंद्र बना प्रदेश
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को आएंगी बस्तर
- जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन
Saturday, January 31
