चार-चार महापौर अपने कार्यकाल में नहीं करा पाए निर्माण, जनता को मिल रहा सिर्फ अश्वासन
publicuwatch24.-रायपुर। चुनावी साल में सरकार सभी वर्ग को खुश करने की कोशिश करटी ही उसी तर्ज में पिछले कांग्रेसी सरकार ने शारदा चौक चौड़ीकरण के लिए भूमि पूजन भी करा दिया था जो सिर्फ दिखावा और छलावा ही निकला। 20 साल से तात्यापारा से शारदा चौक तक चौड़ीकरण का राह देख रहे कारोबारियों में मायूसी साफ दिखाई दे रहा है। सरकार ने बजट में 10 करोड़ मंजूर किया था वहीं खर्च 3 करोड़ अनुमानित है, निगम को अपनो संसाधनों से 20 करोड़ की राशि चौड़ीकरण में लगाना है। ऐसे में बजट पास होने से एक माह बाद भी अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अब तो चौड़ीकरण की उम्मीद शून्य हो गई है।नई सरकार आने के बाद ही कुछ सुगबुगाहट शुरू हो उम्मीद है लेकिन कोई जनप्रतिनिधि इस काम को प्राथमिकता के साथ कराना ही नहीं चाह रहा है।
ज्ञात हो कि शारदा-चौक से आमापारा तक रोड चौड़ीकरण का प्रस्ताव पूर्व महापौर सुनील सोनी के कार्यकाल में तैयार हुआ था।सुनील सोनी सांसद बने और अब उस क्षेत्र के विधायक भी बने हुए हैं लेकिन अभी मामला ठंडा दिखाई दे रहा है। सुनील सोनी के कार्यकाल के अंतिम दिनों में आमापारा से तात्यापारा तक पहले चरण का चौड़ीकरण हो गया। इसके बाद निगम में सत्ता परिर्वतन के बाद कांग्रेस से डा. किरणमयी नायक महापौर बनीं। उसके बाद प्रमोद दुबे महापौर बने, उसके बाद तो प्रदेश में भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार और कांग्रेसी महापौर होने के बाद भी चौड़ीकरण का मामला अटका रहा। जनता को छलने के लिए चुनाव के पहले आनन फानन में भूमि पूजन जरूर करवा दिए थे लेकिन उसके पहले जनता ने कांग्रेस सरकार को खो कर दी।
डा. किरणमयी नायक का कार्यकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस से ही प्रमोद दुबे महापौर बने। उन्होंने भी अपने कार्यकाल में अब तक चार से पांच बार शासन को प्रस्ताव भेजा। मामला अटके रहने की वजह से विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत और कृषि मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल ने रोड चौड़ीकरण को लेकर बैठकें लीं और शासन को प्रस्ताव भेजा। राजेश मूणत ने इसके लिए 29 करोड़ रुपए भी मंजूरी दी। तब निगम ने चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की। चौड़ीकरण के लिए निगम ने पूर्व के सर्वे के आधार पर नया सर्वे किया और उसका भौतिक सत्यापन भी कराया। इसके बाद मामला फिर अटक गया जो अभी तक अटका हुआ है। लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या शारदा चौक चौड़ीकरण को लेकर किसी तरह के प्रयास हो रहा है या नहीं ? हालांकि एक बार फिर प्रदेश सरकार में और निगम सरकार में बीजेपी का शासन है तो अब फिर शारदा चौक-तात्यापारा रोड के चौड़ीकरण की उम्मीद अब बंध गई है। यह रोड राजधानी के व्यस्ततम स्थल जयस्तंभ से जुड़ी हुई है। सरकार से नगर निगम को बजट मिलते ही चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन कब मिलेगा यह बात किसी को नहीं मालूम। पिछले 20 साल से इस रोड के चौड़ीकरण का काम अटका हुआ है। इसे लेकर पिछली बार करीब आधा दर्जन बार प्रस्ताव भेजा गया था। निगम स्तर पर भी सडक़ चौड़ीकरण के लिए शासन से पैसे की मांग की गई थी पर न पैसा मिला और न ही योजना एक कदम भी आगे बढ़ सकी, लेकिन पिछले महीने नगर निगम के बजट में इसे शामिल कर चौड़ीकरण का प्रावधान लाने के बाद शहरवासियों को उम्मीद है कि जल्द से जल्द सडक़ चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
30 करोड़ मंजूर होने के बाद चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका राजधानी में सबसे व्यस्त जयस्तंभ इलाके से लगी शारदा चौक- तात्यापारा रोड के चौडीकरण की उम्मीद तब बंध गई थी जब कलेक्टर ने सर्वे का आदेश दे दिया था और नाप जोख भी चालू कर दिया गया था। लेकिन सब ठंडा हो गया। भाजपा के दो पूर्व दिग्गज मंत्रियों ने भी इसके लिए प्रयास किए। फिर भी चौड़ीकरण के लिए न तो फंड मिला और न ही योजना एक कदम भी आगे बढ़ी। प्रदेश में भाजपा की नई सरकार आने के बाद फिर प्रयास तेज हुए हैं, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका है। हालांकि तब तत्कालीन महापौर प्रमोद दुबे ने दावा किया था कि राज्य सरकार के अनुपूरक बजट में संभवत: 43 करोड का फंड मिल सकता है, पर यह नहीं हुआ।यही हाल महापौर ढेबर के कार्यकाल में भी हुआ फाइल ही नहीं बढ़ सकीय सिर्फ हवा हवाई दावे करते रहे और सत्ता से दोनों जगह से बाहर हो गए। अब जनता को उम्मीद है कि महापौर मीनल चौबे के प्रयास से प्रदेश सरकार बजट में शामिल कर दे और काम शुरू हो जाये।
करीब 600 मीटर लंबी सड़क हो जाएगी चौड़ी डेढ़ दशक से प्रस्तावित तात्यापारा से शारदा चौक चौड़ीकरण के राज्य शासन ने अपने बजट में 10 करोड़ का प्रावधान किया है। नगर निगम ने भी शासन में अपने बजट में 30 करोड़ का प्रावधान किया था लेकिन सब फिसड्डी साबित हुआ क्योंकि कांग्रेसियों के पास इच्छाशक्ति की कमी थी।निगम और शासन के मद से इस बार करीब 600 मीटर लंबी सडक़ चौड़ी होनी तय मानी जा रही है परन्तु फाइल अभी भी अटकी पड़ी है। करीब दो साल पहले लोक निर्माण विभाग और नगर निगम ने तात्यापारा चौड़ीकरण के लिए मुआवजा और रोड निर्माण मिलाकर लगभग 46 करोड़ खर्च का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लिहाजा, शासन बजट घोषणा के तहत 10 करोड़ भी दे देता है और निगम इस साल भी बजट में चौड़ीकरण के लिए 35 से 40 करोड़ का प्रावधान करता है तो 20 साल से अटकी हुई यह सडक़ इस साल चौड़ी हो जाएगी।
