बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान(सिम्स) अस्पताल में आज सुबह कुछ देर के लिए उस समय हड़कंप मच गया जब अस्पताल के 2nd फ्लोर में अचानक स्पार्किंग होने लगी। अहतियात के तौर पर कुछ देर के लिए पूरे अस्पताल की बिजली बंद कर दी गई जिसकी वजह से मरीजों को भी गर्मी में हलाकान होना पड़ा। घटना की पुष्टि करते हुए सिम्स पीआरओ डॉ. आरती पाण्डेय ने बताया अस्पताल में स्पार्किंग के कारण 5 मिनट तक चिंगारी निकली थी जिसे बिजली कर्मचारियों द्वारा ठीक कर दिया गया है। सभी मरीज सुरक्षित हैं अहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी।
बता दें इसके पहले 22 जनवरी को भी रेडियोलॉजी विभाग के इलेक्ट्रॉनिक रूम में अचानक आग लग गई थी। कुछ तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी और काला धुंआ नियो-नेटल केयर युनिट (गहन नवजात चिकित्सा ईकाई) में पहुंच गया जहां 22 शिशु भर्ती थे। जिन्हें सिम्स के कर्मचारियों ने कांच तोड़कर बाहर निकाला था। नवजात शिशुओं को बाहर निकालने के बाद जिला अस्पताल तथा प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। लेकिन पहले से ही गंभीर इन बच्चों में से 5 शिशुओं ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद सिम्स प्रबंधन ने बिजली व्यवस्था सही कराने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन लगभग 4 माह बाद भी सिम्स की बिजली व्यवस्था सही नहीं की जा सकी है।